डॉ. अब्दुर रज़्ज़ाक़ अंसारी: खामोशी से समाज गढ़ने वाला एक युग
(24 जनवरी स्मृति विशेष) इतिहास अक्सर बड़े मंचों और […]
(24 जनवरी स्मृति विशेष) इतिहास अक्सर बड़े मंचों और […]
अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस 24 जनवरी विशेष शिक्षा केवल अक्षर, किताब और परीक्षा का नाम नहीं है। यह मानसिक स्वतंत्रता, सामाजिक
इतिहास केवल मौखिक कहानियों या धार्मिक मान्यताओं का संग्रह नहीं होता, बल्कि वह ठोस प्रमाणों, अभिलेखों और भौतिक अवशेषों पर
भारतीय राजनीतिक इतिहास में 23 जनवरी की तारीख एक असाधारण दृढ़ता और अटूट प्रतिबद्धता की गवाह है। आज ही के
इतिहास केवल तारीखों का संग्रह नहीं होता, बल्कि यह उन संघर्षों का गवाह होता है जिसने आज के हमारे अधिकारों
शिक्षा को लेकर डॉ. बी.आर. आंबेडकर का दृष्टिकोण केवल साक्षरता तक सीमित नहीं था, बल्कि वे इसे ‘मानसिक मुक्ति’ का
इतिहास के पन्नों में 21 जनवरी की तारीख एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैचारिक क्रांति की गवाह है। आज से ठीक 77
19 जनवरी 1931: जब डॉ. अंबेडकर ने भविष्य के भारत की नींव रखी। (फोटो AI जनरेटेड है।)